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VedicSpaceपंचांगसूरत › 2027-01-24

सूरत पंचांग — 24 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:57 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 02:41 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसौभाग्यतक 02:03 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:57 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:18 AM
सूर्यास्त06:24 PM
चन्द्रोदय08:35 PM
चन्द्रास्त08:35 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:28 PM – 01:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:42 AM – 06:30 AM
अमृत काल01:48 AM – 03:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:00 PM – 06:24 PM
गुलिक काल03:37 PM – 05:00 PM
यमगण्ड12:51 PM – 02:14 PM
वर्ज्यम्05:05 PM – 06:32 PM
दुर्मुहूर्त04:55 PM – 05:39 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:18 AM – 08:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:41 AM – 10:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:04 AM – 11:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:27 AM – 12:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:51 PM – 02:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:14 PM – 03:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:37 PM – 05:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:00 PM – 06:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:24 PM – 08:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:00 PM – 09:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:37 PM – 11:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:14 PM – 12:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:51 AM – 02:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:27 AM – 04:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:04 AM – 05:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:41 AM – 07:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle