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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2025-09-04

सिडनी पंचांग — 4 सितम्बर 2025

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 08:52 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 04:14 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसौभाग्यतक 07:51 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:52 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:10 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय01:50 PM
चन्द्रास्त03:48 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:31 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM – 05:22 AM
अमृत काल09:51 PM – 11:29 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:20 PM – 02:46 PM
गुलिक काल09:02 AM – 10:28 AM
यमगण्ड06:10 AM – 07:36 AM
वर्ज्यम्12:01 PM – 01:39 PM
दुर्मुहूर्त01:03 PM – 01:49 PM
दुर्मुहूर्त04:07 PM – 04:53 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:10 AM – 07:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:36 AM – 09:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:02 AM – 10:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:28 AM – 11:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:54 AM – 01:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:20 PM – 02:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:46 PM – 04:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:12 PM – 05:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:39 PM – 07:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:12 PM – 08:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:46 PM – 10:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:20 PM – 11:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:54 PM – 01:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:28 AM – 03:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:02 AM – 04:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:36 AM – 06:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle