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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-03-13

सिडनी पंचांग — 13 मार्च 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मूल नक्षत्र · शुक्रवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 11:59 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 06:13 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 04:01 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 11:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:52 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय12:37 AM
चन्द्रास्त03:43 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:39 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:16 AM – 06:04 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:31 AM – 01:04 PM
गुलिक काल08:25 AM – 09:58 AM
यमगण्ड04:10 PM – 05:43 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:50 AM – 12:39 PM
दुर्मुहूर्त03:08 PM – 03:58 PM

दिन चौघड़िया

चर06:52 AM – 08:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:25 AM – 09:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:58 AM – 11:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 AM – 01:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:04 PM – 02:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:37 PM – 04:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:10 PM – 05:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:43 PM – 07:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:17 PM – 08:43 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:43 PM – 10:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:10 PM – 11:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:37 PM – 01:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:04 AM – 02:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:31 AM – 03:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:58 AM – 05:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:25 AM – 06:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle