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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-04-24

सिडनी पंचांग — 24 अप्रैल 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · शुक्रवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 11:52 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 12:44 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगधृतितक 08:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:31 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त05:22 PM
चन्द्रोदय01:24 PM
चन्द्रास्त11:37 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:31 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM – 05:36 AM
अमृत काल06:55 PM – 08:28 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:30 AM – 11:53 AM
गुलिक काल07:46 AM – 09:08 AM
यमगण्ड02:37 PM – 03:59 PM
वर्ज्यम्09:35 AM – 11:08 AM
दुर्मुहूर्त10:47 AM – 11:31 AM
दुर्मुहूर्त01:42 PM – 02:26 PM

दिन चौघड़िया

चर06:24 AM – 07:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:46 AM – 09:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:08 AM – 10:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:30 AM – 11:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:53 AM – 01:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:15 PM – 02:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:37 PM – 03:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 PM – 05:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:22 PM – 06:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:59 PM – 08:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:37 PM – 10:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:15 PM – 11:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:53 PM – 01:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:30 AM – 03:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:08 AM – 04:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:46 AM – 06:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle