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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-10-28

सिडनी पंचांग — 28 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · बुधवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:37 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 06:56 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 12:48 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 09:37 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय10:04 PM
चन्द्रास्त06:47 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:23 AM – 05:11 AM
अमृत काल04:44 PM – 06:11 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:39 PM – 02:19 PM
गुलिक काल10:59 AM – 12:39 PM
यमगण्ड07:39 AM – 09:19 AM
वर्ज्यम्08:02 AM – 09:29 AM
अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 01:05 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:32 AM – 10:25 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:59 AM – 07:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:39 AM – 09:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:19 AM – 10:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:59 AM – 12:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:39 PM – 02:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:19 PM – 03:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 PM – 05:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:39 PM – 07:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:19 PM – 08:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:39 PM – 09:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:59 PM – 11:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:19 PM – 12:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 AM – 01:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:59 AM – 03:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:19 AM – 04:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:39 AM – 05:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle