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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-11-01

सिडनी पंचांग — 1 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · रविवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 08:22 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 11:09 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 08:09 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:22 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त07:23 PM
चन्द्रोदय01:08 AM
चन्द्रास्त11:02 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 01:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल08:49 AM – 10:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:42 PM – 07:23 PM
गुलिक काल04:01 PM – 05:42 PM
यमगण्ड12:39 PM – 02:20 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:35 PM – 06:29 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:55 AM – 07:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:36 AM – 09:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:17 AM – 10:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:58 AM – 12:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 PM – 02:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:20 PM – 04:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:01 PM – 05:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:42 PM – 07:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:23 PM – 08:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:42 PM – 10:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:01 PM – 11:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:20 PM – 12:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:39 AM – 01:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:58 AM – 03:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:17 AM – 04:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:36 AM – 05:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle