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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-11-28

सिडनी पंचांग — 28 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शनिवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 12:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 2तक 06:20 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुक्लतक 01:48 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 12:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:38 AM
सूर्यास्त07:49 PM
चन्द्रोदय11:48 PM
चन्द्रास्त08:47 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 01:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:02 AM – 04:50 AM
अमृत काल03:47 PM – 05:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:10 AM – 10:57 AM
गुलिक काल05:38 AM – 07:24 AM
यमगण्ड02:29 PM – 04:16 PM
वर्ज्यम्07:05 AM – 08:32 AM
दुर्मुहूर्त09:24 AM – 10:21 AM
दुर्मुहूर्त03:05 PM – 04:02 PM

दिन चौघड़िया

काल05:38 AM – 07:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:24 AM – 09:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:10 AM – 10:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 AM – 12:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:43 PM – 02:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:29 PM – 04:16 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:16 PM – 06:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:02 PM – 07:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:49 PM – 09:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:02 PM – 10:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:16 PM – 11:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:29 PM – 12:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:43 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:10 AM – 04:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:24 AM – 05:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle