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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-12-10

सिडनी पंचांग — 10 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, मूल नक्षत्र · गुरुवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 02:16 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमूल · पाद 1तक 05:28 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 02:54 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 02:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:37 AM
सूर्यास्त07:59 PM
चन्द्रोदय06:06 AM
चन्द्रास्त09:10 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:19 PM – 01:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:01 AM – 04:49 AM
अमृत काल09:53 PM – 11:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:35 PM – 04:23 PM
गुलिक काल09:12 AM – 11:00 AM
यमगण्ड05:37 AM – 07:24 AM
वर्ज्यम्11:06 AM – 12:54 PM
दुर्मुहूर्त02:14 PM – 03:11 PM
दुर्मुहूर्त06:04 PM – 07:01 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:37 AM – 07:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:24 AM – 09:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:12 AM – 11:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 AM – 12:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:48 PM – 02:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:35 PM – 04:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:23 PM – 06:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:11 PM – 07:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:59 PM – 09:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:11 PM – 10:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:23 PM – 11:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:35 PM – 12:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:48 AM – 02:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:00 AM – 03:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:12 AM – 04:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:24 AM – 05:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle