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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-12-18

सिडनी पंचांग — 18 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:39 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 04:44 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 2तक 09:40 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्यतीपाततक 05:49 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 04:57 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:39 AM
सूर्यास्त08:04 PM
चन्द्रोदय01:47 PM
चन्द्रास्त12:52 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:22 PM – 01:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:03 AM – 04:51 AM
अमृत काल04:25 PM – 06:03 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:03 AM – 12:51 PM
गुलिक काल07:27 AM – 09:15 AM
यमगण्ड04:27 PM – 06:15 PM
वर्ज्यम्06:37 AM – 08:15 AM
दुर्मुहूर्त11:25 AM – 12:22 PM
दुर्मुहूर्त03:15 PM – 04:13 PM

दिन चौघड़िया

चर05:39 AM – 07:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:27 AM – 09:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:15 AM – 11:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:03 AM – 12:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:51 PM – 02:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:39 PM – 04:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 PM – 06:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:15 PM – 08:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:04 PM – 09:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 PM – 10:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:27 PM – 11:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:39 PM – 12:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:51 AM – 02:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:03 AM – 03:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:15 AM – 04:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:27 AM – 05:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle