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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-01-03

सिडनी पंचांग — 3 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · रविवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 09:38 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 03:07 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगधृतितक 05:07 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 08:43 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त08:10 PM
चन्द्रोदय01:55 AM
चन्द्रास्त04:20 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:13 AM – 05:01 AM
अमृत काल05:16 PM – 07:02 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:22 PM – 08:10 PM
गुलिक काल04:34 PM – 06:22 PM
यमगण्ड12:59 PM – 02:47 PM
वर्ज्यम्06:45 AM – 08:30 AM
दुर्मुहूर्त06:15 PM – 07:12 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:49 AM – 07:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:36 AM – 09:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:24 AM – 11:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:11 AM – 12:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:59 PM – 02:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:47 PM – 04:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:34 PM – 06:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:22 PM – 08:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:10 PM – 09:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:22 PM – 10:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:34 PM – 11:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:47 PM – 12:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:59 AM – 02:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:11 AM – 03:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:24 AM – 04:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:36 AM – 05:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle