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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-01-20

सिडनी पंचांग — 20 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · बुधवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 10:11 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 09:47 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगब्रह्मतक 07:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 10:11 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त08:08 PM
चन्द्रोदय06:20 PM
चन्द्रास्त02:42 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल02:02 PM – 03:27 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:06 PM – 02:51 PM
गुलिक काल11:20 AM – 01:06 PM
यमगण्ड07:49 AM – 09:35 AM
वर्ज्यम्05:30 AM – 06:55 AM
अभिजित मुहूर्त12:37 PM – 01:34 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:49 AM – 10:45 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:04 AM – 07:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:49 AM – 09:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:35 AM – 11:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:20 AM – 01:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:06 PM – 02:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:51 PM – 04:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:37 PM – 06:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:22 PM – 08:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:08 PM – 09:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:22 PM – 10:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:37 PM – 11:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:51 PM – 01:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:06 AM – 02:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:20 AM – 03:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:35 AM – 04:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:49 AM – 06:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle