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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-02-21

सिडनी पंचांग — 21 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 10:23 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 2तक 07:21 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 04:57 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 10:23 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त07:42 PM
चन्द्रोदय07:51 PM
चन्द्रास्त06:25 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:42 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:59 AM – 05:47 AM
अमृत काल05:45 PM – 07:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:03 PM – 07:42 PM
गुलिक काल04:25 PM – 06:03 PM
यमगण्ड01:08 PM – 02:46 PM
वर्ज्यम्09:03 AM – 10:30 AM
दुर्मुहूर्त05:57 PM – 06:49 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:35 AM – 08:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:13 AM – 09:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:51 AM – 11:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:30 AM – 01:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:08 PM – 02:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:46 PM – 04:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:25 PM – 06:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:03 PM – 07:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:42 PM – 09:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:03 PM – 10:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:25 PM – 11:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:46 PM – 01:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:08 AM – 02:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:30 AM – 03:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:51 AM – 05:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:13 AM – 06:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle