VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-04-03

सिडनी पंचांग — 3 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 08:22 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 08:12 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 03:40 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय03:17 AM
चन्द्रास्त04:39 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:35 PM – 01:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM – 06:20 AM
अमृत काल09:56 AM – 11:41 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:03 AM – 11:30 AM
गुलिक काल07:08 AM – 08:35 AM
यमगण्ड02:26 PM – 03:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:14 AM – 11:01 AM
दुर्मुहूर्त02:55 PM – 03:42 PM

दिन चौघड़िया

काल07:08 AM – 08:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:35 AM – 10:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:03 AM – 11:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:30 AM – 12:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:58 PM – 02:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:26 PM – 03:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:53 PM – 05:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:21 PM – 06:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:49 PM – 08:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:21 PM – 09:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:53 PM – 11:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:26 PM – 12:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:58 AM – 02:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:30 AM – 04:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:03 AM – 05:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:35 AM – 07:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle