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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-04-15

सिडनी पंचांग — 15 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · गुरुवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 05:51 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 02:03 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगधृतितक 12:53 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:52 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त05:33 PM
चन्द्रोदय02:13 PM
चन्द्रास्त12:51 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:41 AM – 05:29 AM
अमृत काल08:17 AM – 09:48 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:19 PM – 02:44 PM
गुलिक काल09:06 AM – 10:30 AM
यमगण्ड06:17 AM – 07:41 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:02 PM – 01:47 PM
दुर्मुहूर्त04:02 PM – 04:47 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:17 AM – 07:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:41 AM – 09:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:06 AM – 10:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:30 AM – 11:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:55 AM – 01:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:19 PM – 02:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:44 PM – 04:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:08 PM – 05:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:33 PM – 07:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:08 PM – 08:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:44 PM – 10:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:19 PM – 11:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:55 PM – 01:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:30 AM – 03:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:06 AM – 04:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:41 AM – 06:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle