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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-05-09

सिडनी पंचांग — 9 मई 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 01:33 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 1तक 12:29 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगअतिगण्डतक 07:07 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 01:33 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त05:08 PM
चन्द्रोदय09:39 AM
चन्द्रास्त07:11 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:59 AM – 05:47 AM
अमृत काल04:58 PM – 06:26 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:48 PM – 05:08 PM
गुलिक काल02:29 PM – 03:48 PM
यमगण्ड11:51 AM – 01:10 PM
वर्ज्यम्08:07 AM – 09:36 AM
दुर्मुहूर्त03:43 PM – 04:25 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:35 AM – 07:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:54 AM – 09:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:13 AM – 10:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:32 AM – 11:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:51 AM – 01:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:10 PM – 02:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:29 PM – 03:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:48 PM – 05:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:08 PM – 06:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:48 PM – 08:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:29 PM – 10:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:10 PM – 11:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:51 PM – 01:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:32 AM – 03:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:13 AM – 04:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:54 AM – 06:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle