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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-06-04

सिडनी पंचांग — 4 जून 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 08:35 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 01:44 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसुकर्मातक 08:16 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 08:35 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त04:54 PM
चन्द्रोदय06:10 AM
चन्द्रास्त03:55 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:17 AM – 06:05 AM
अमृत काल12:24 PM – 01:52 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:38 AM – 11:53 AM
गुलिक काल08:08 AM – 09:23 AM
यमगण्ड02:23 PM – 03:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:53 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त01:33 PM – 02:13 PM

दिन चौघड़िया

चर06:53 AM – 08:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:08 AM – 09:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:23 AM – 10:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:38 AM – 11:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:53 AM – 01:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:08 PM – 02:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:23 PM – 03:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:38 PM – 04:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:54 PM – 06:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:38 PM – 08:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:23 PM – 10:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:08 PM – 11:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:53 PM – 01:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:38 AM – 03:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:23 AM – 05:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:08 AM – 06:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle