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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-06-22

सिडनी पंचांग — 22 जून 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 05:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 12:38 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगइन्द्रतक 01:25 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 05:37 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त04:54 PM
चन्द्रोदय07:47 PM
चन्द्रास्त09:09 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल06:24 AM – 08:13 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:25 PM – 03:39 PM
गुलिक काल11:57 AM – 01:11 PM
यमगण्ड09:28 AM – 10:42 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:57 AM – 11:37 AM
दुर्मुहूर्त01:36 PM – 02:15 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:00 AM – 08:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:14 AM – 09:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:28 AM – 10:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:42 AM – 11:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:57 AM – 01:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:11 PM – 02:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:25 PM – 03:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:39 PM – 04:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:54 PM – 06:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:39 PM – 08:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:25 PM – 10:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:11 PM – 11:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:57 PM – 01:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 AM – 03:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:28 AM – 05:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:14 AM – 07:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle