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VedicSpaceपंचांगठाणे › 2026-10-01

ठाणे पंचांग — 1 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · महाराष्ट्र (19.2183°, 72.9781°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ठाणे (19.2183°, 72.9781°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 12:35 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 06:02 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसिद्धितक 09:18 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 12:35 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय10:06 PM
चन्द्रास्त10:51 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:57 PM – 03:27 PM
गुलिक काल09:28 AM – 10:58 AM
यमगण्ड06:29 AM – 07:58 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:39 PM – 02:27 PM
दुर्मुहूर्त04:51 PM – 05:39 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:29 AM – 07:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:58 AM – 09:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:28 AM – 10:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:58 AM – 12:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:28 PM – 01:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:57 PM – 03:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:27 PM – 04:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 PM – 06:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:27 PM – 07:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:57 PM – 09:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:27 PM – 10:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:57 PM – 12:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:28 AM – 01:58 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:58 AM – 03:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:28 AM – 04:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:58 AM – 06:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle