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VedicSpaceपंचांगठाणे › 2026-12-05

ठाणे पंचांग — 5 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.2183°, 72.9781°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ठाणे (19.2183°, 72.9781°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 12:52 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 4तक 11:49 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसौभाग्यतक 07:53 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 12:15 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:00 PM
चन्द्रोदय03:40 AM
चन्द्रास्त03:08 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल05:56 AM – 07:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:42 AM – 11:05 AM
गुलिक काल06:57 AM – 08:19 AM
यमगण्ड01:51 PM – 03:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:53 AM – 10:38 AM
दुर्मुहूर्त02:19 PM – 03:03 PM

दिन चौघड़िया

काल06:57 AM – 08:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:19 AM – 09:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:42 AM – 11:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:05 AM – 12:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:28 PM – 01:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:51 PM – 03:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:14 PM – 04:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:37 PM – 06:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:00 PM – 07:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:37 PM – 09:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:14 PM – 10:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:51 PM – 12:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:28 AM – 02:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 AM – 03:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:42 AM – 05:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:19 AM – 06:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle