VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगठाणे › 2027-04-07

ठाणे पंचांग — 7 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, रेवती नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (19.2183°, 72.9781°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ठाणे (19.2183°, 72.9781°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 04:29 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 06:25 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगइन्द्रतक 07:26 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 04:58 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:27 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय06:24 AM
चन्द्रास्त07:16 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:51 AM – 05:39 AM
अमृत काल04:29 PM – 06:04 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:40 PM – 02:13 PM
गुलिक काल11:07 AM – 12:40 PM
यमगण्ड08:00 AM – 09:33 AM
वर्ज्यम्06:55 AM – 08:31 AM
अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 01:05 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:46 AM – 10:36 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:27 AM – 08:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:00 AM – 09:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:33 AM – 11:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:07 AM – 12:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:40 PM – 02:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:13 PM – 03:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:47 PM – 05:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:20 PM – 06:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:54 PM – 08:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:20 PM – 09:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 PM – 11:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:13 PM – 12:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:40 AM – 02:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 AM – 03:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:33 AM – 05:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:00 AM – 06:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle