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VedicSpaceपंचांगठाणे › 2027-10-02

ठाणे पंचांग — 2 अक्टूबर 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, स्वाती नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.2183°, 72.9781°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ठाणे (19.2183°, 72.9781°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 02:09 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 12:03 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवैधृतितक 03:41 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 02:46 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय08:31 AM
चन्द्रास्त07:51 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:03 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल03:59 PM – 05:33 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:28 AM – 10:57 AM
गुलिक काल06:29 AM – 07:58 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:26 PM
वर्ज्यम्06:40 AM – 08:13 AM
दुर्मुहूर्त09:40 AM – 10:28 AM
दुर्मुहूर्त02:27 PM – 03:14 PM

दिन चौघड़िया

काल06:29 AM – 07:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:58 AM – 09:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:28 AM – 10:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 AM – 12:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:27 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:26 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:26 PM – 04:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:56 PM – 06:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:26 PM – 07:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:56 PM – 09:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:26 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:27 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:28 AM – 04:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:58 AM – 06:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle