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VedicSpaceपंचांगतिरुवनंतपुरम › 2026-08-16

तिरुवनंतपुरम पंचांग — 16 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, हस्त नक्षत्र · रविवार · केरल (8.5241°, 76.9366°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुवनंतपुरम (8.5241°, 76.9366°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 04:53 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रहस्त · पाद 1तक 03:50 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसाध्यतक 04:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:53 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय09:14 AM
चन्द्रास्त09:19 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल09:59 PM – 11:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:06 PM – 06:39 PM
गुलिक काल03:33 PM – 05:06 PM
यमगण्ड12:27 PM – 02:00 PM
वर्ज्यम्12:36 PM – 02:14 PM
दुर्मुहूर्त04:59 PM – 05:49 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:15 AM – 07:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:48 AM – 09:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 AM – 10:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:54 AM – 12:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:27 PM – 02:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:00 PM – 03:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:33 PM – 05:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:06 PM – 06:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:39 PM – 08:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:06 PM – 09:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:33 PM – 11:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 PM – 12:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:27 AM – 01:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:54 AM – 03:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:21 AM – 04:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:48 AM – 06:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle