VedicSpace › पंचांग › तिरुवनंतपुरम › 2026-10-18
शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · केरल (8.5241°, 76.9366°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुवनंतपुरम (8.5241°, 76.9366°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष सप्तमी | तक 08:28 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा · पाद 3 | तक 12:49 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सुकर्मा | तक 11:56 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 08:28 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:10 AM |
| सूर्यास्त | 06:05 PM |
| चन्द्रोदय | 12:27 PM |
| चन्द्रास्त | 12:11 AM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 AM – 12:31 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:34 AM – 05:22 AM |
| अमृत काल | 07:35 AM – 09:23 AM |
| राहु काल | 04:35 PM – 06:05 PM |
| गुलिक काल | 03:06 PM – 04:35 PM |
| यमगण्ड | 12:07 PM – 01:36 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 04:29 PM – 05:17 PM |
| उद्वेग | 06:10 AM – 07:39 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:39 AM – 09:08 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:08 AM – 10:38 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:38 AM – 12:07 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:07 PM – 01:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:36 PM – 03:06 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:06 PM – 04:35 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:35 PM – 06:05 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:05 PM – 07:35 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:35 PM – 09:06 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:06 PM – 10:36 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:36 PM – 12:07 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:07 AM – 01:38 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:38 AM – 03:08 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:08 AM – 04:39 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:39 AM – 06:10 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
16 Oct 202617 Oct 202619 Oct 202620 Oct 202621 Oct 202625 Oct 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना