VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगतिरुवनंतपुरम › 2027-02-11

तिरुवनंतपुरम पंचांग — 11 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, रेवती नक्षत्र · गुरुवार · केरल (8.5241°, 76.9366°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुवनंतपुरम (8.5241°, 76.9366°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 03:18 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 05:42 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसाध्यतक 08:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 03:15 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:41 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय09:39 AM
चन्द्रास्त10:07 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 01:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:05 AM – 05:53 AM
अमृत काल03:54 AM – 05:33 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:05 PM – 03:34 PM
गुलिक काल09:38 AM – 11:07 AM
यमगण्ड06:41 AM – 08:09 AM
वर्ज्यम्06:00 PM – 07:39 PM
दुर्मुहूर्त01:47 PM – 02:35 PM
दुर्मुहूर्त04:57 PM – 05:44 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:41 AM – 08:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:09 AM – 09:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:38 AM – 11:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:07 AM – 12:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:36 PM – 02:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:05 PM – 03:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:34 PM – 05:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:03 PM – 06:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:32 PM – 08:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:03 PM – 09:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:34 PM – 11:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:05 PM – 12:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:36 AM – 02:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 AM – 03:38 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:38 AM – 05:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:09 AM – 06:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle