VedicSpace › पंचांग › तिरुपति › 2025-11-15
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 02:37 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 2 | तक 11:34 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वैधृति | तक 06:25 AM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बव | तक 01:40 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:12 AM |
| सूर्यास्त | 05:42 PM |
| चन्द्रोदय | 02:12 AM |
| चन्द्रास्त | 02:25 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 AM – 12:20 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:36 AM – 05:24 AM |
| अमृत काल | 03:53 PM – 05:38 PM |
| राहु काल | 09:04 AM – 10:30 AM |
| गुलिक काल | 06:12 AM – 07:38 AM |
| यमगण्ड | 01:23 PM – 02:49 PM |
| वर्ज्यम् | 05:21 AM – 07:06 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:16 AM – 10:02 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:52 PM – 02:38 PM |
| काल | 06:12 AM – 07:38 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:38 AM – 09:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:04 AM – 10:30 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:30 AM – 11:57 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:57 AM – 01:23 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:23 PM – 02:49 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:49 PM – 04:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:15 PM – 05:42 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:42 PM – 07:15 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:15 PM – 08:49 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:49 PM – 10:23 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:23 PM – 11:57 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:57 PM – 01:30 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:30 AM – 03:04 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:04 AM – 04:38 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:38 AM – 06:12 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
13 Nov 202514 Nov 202516 Nov 202517 Nov 202518 Nov 202522 Nov 2025
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना