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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2026-05-02

तिरुपति पंचांग — 2 मई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 12:50 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 07:10 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 09:44 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 11:49 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय07:09 PM
चन्द्रास्त05:51 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल09:15 PM – 11:01 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:59 AM – 10:34 AM
गुलिक काल05:50 AM – 07:24 AM
यमगण्ड01:43 PM – 03:18 PM
वर्ज्यम्10:37 AM – 12:23 PM
दुर्मुहूर्त09:12 AM – 10:02 AM
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 03:05 PM

दिन चौघड़िया

काल05:50 AM – 07:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:24 AM – 08:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:59 AM – 10:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:34 AM – 12:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:09 PM – 01:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:43 PM – 03:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:18 PM – 04:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:53 PM – 06:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:28 PM – 07:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:53 PM – 09:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:18 PM – 10:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:43 PM – 12:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:09 AM – 01:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:34 AM – 02:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:59 AM – 04:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:24 AM – 05:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle