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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2026-05-29

तिरुपति पंचांग — 29 मई 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · शुक्रवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 09:51 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रस्वाती · पाद 4तक 10:38 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगपरिघतक 04:35 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 09:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय05:05 PM
चन्द्रास्त03:50 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:33 AM – 12:10 PM
गुलिक काल07:20 AM – 08:57 AM
यमगण्ड03:23 PM – 04:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:52 AM – 11:44 AM
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

चर05:44 AM – 07:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:20 AM – 08:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:57 AM – 10:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:33 AM – 12:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:10 PM – 01:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:46 PM – 03:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 PM – 04:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:59 PM – 06:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:36 PM – 07:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:59 PM – 09:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:23 PM – 10:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:46 PM – 12:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:10 AM – 01:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:33 AM – 02:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:57 AM – 04:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:20 AM – 05:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle