VedicSpace › पंचांग › तिरुपति › 2026-07-11
कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी | तक 02:04 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 4 | तक 11:03 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | गण्ड | तक 12:05 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | कौलव | तक 03:46 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:51 AM |
| सूर्यास्त | 06:44 PM |
| चन्द्रोदय | 02:17 AM |
| चन्द्रास्त | 03:35 PM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 AM – 12:43 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:15 AM – 05:03 AM |
| अमृत काल | 08:44 AM – 10:11 AM |
| राहु काल | 09:04 AM – 10:40 AM |
| गुलिक काल | 05:51 AM – 07:27 AM |
| यमगण्ड | 01:54 PM – 03:30 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:17 AM – 10:08 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:26 PM – 03:17 PM |
| काल | 05:51 AM – 07:27 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:27 AM – 09:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:04 AM – 10:40 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:40 AM – 12:17 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:17 PM – 01:54 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:54 PM – 03:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:30 PM – 05:07 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:07 PM – 06:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:44 PM – 08:07 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:07 PM – 09:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:30 PM – 10:54 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:54 PM – 12:17 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:17 AM – 01:40 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:40 AM – 03:04 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:04 AM – 04:27 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:27 AM – 05:51 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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