VedicSpace › पंचांग › तिरुपति › 2026-10-10
कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, हस्त नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या | तक 09:20 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | हस्त · पाद 2 | तक 09:42 PM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | इन्द्र | तक 10:02 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | चतुष्पाद | तक 09:24 AM | स्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द। |
| सूर्योदय | 06:02 AM |
| सूर्यास्त | 05:56 PM |
| चन्द्रोदय | 05:35 AM |
| चन्द्रास्त | 05:33 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:35 AM – 12:22 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:26 AM – 05:14 AM |
| अमृत काल | 03:38 PM – 05:15 PM |
| राहु काल | 09:00 AM – 10:29 AM |
| गुलिक काल | 06:02 AM – 07:31 AM |
| यमगण्ड | 01:28 PM – 02:57 PM |
| वर्ज्यम् | 06:15 AM – 07:53 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:12 AM – 10:00 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:58 PM – 02:45 PM |
| काल | 06:02 AM – 07:31 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:31 AM – 09:00 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:00 AM – 10:29 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:29 AM – 11:59 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:59 AM – 01:28 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:28 PM – 02:57 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:57 PM – 04:26 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:26 PM – 05:56 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:56 PM – 07:26 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:26 PM – 08:57 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:57 PM – 10:28 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:28 PM – 11:59 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:59 PM – 01:29 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:29 AM – 03:00 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:00 AM – 04:31 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:31 AM – 06:02 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
08 Oct 202609 Oct 202611 Oct 202612 Oct 202613 Oct 202617 Oct 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना