VedicSpace › पंचांग › तिरुपति › 2026-10-29
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · गुरुवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 10:10 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | रोहिणी · पाद 4 | तक 11:11 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | परिघ | तक 12:06 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बव | तक 11:37 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:06 AM |
| सूर्यास्त | 05:46 PM |
| चन्द्रोदय | 08:46 PM |
| चन्द्रास्त | 09:05 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:32 AM – 12:19 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:30 AM – 05:18 AM |
| अमृत काल | 08:23 AM – 09:50 AM |
| राहु काल | 01:23 PM – 02:51 PM |
| गुलिक काल | 09:01 AM – 10:28 AM |
| यमगण्ड | 06:06 AM – 07:33 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:06 PM – 01:52 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:12 PM – 04:59 PM |
| शुभ | 06:06 AM – 07:33 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:33 AM – 09:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:01 AM – 10:28 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:28 AM – 11:56 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:56 AM – 01:23 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:23 PM – 02:51 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:51 PM – 04:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:18 PM – 05:46 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:46 PM – 07:18 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:18 PM – 08:51 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:51 PM – 10:23 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:23 PM – 11:56 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:56 PM – 01:28 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:28 AM – 03:01 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:01 AM – 04:33 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:33 AM – 06:06 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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