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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2026-11-25

तिरुपति पंचांग — 25 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, रोहिणी नक्षत्र · बुधवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 04:50 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 2तक 08:36 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशिवतक 11:59 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त05:42 PM
चन्द्रोदय06:28 PM
चन्द्रास्त06:45 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM – 05:28 AM
अमृत काल06:03 PM – 07:27 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:59 AM – 01:24 PM
गुलिक काल10:33 AM – 11:59 AM
यमगण्ड07:41 AM – 09:07 AM
वर्ज्यम्01:49 PM – 03:13 PM
अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:21 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:18 AM – 10:04 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:16 AM – 07:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:41 AM – 09:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:07 AM – 10:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:33 AM – 11:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:59 AM – 01:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:24 PM – 02:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:50 PM – 04:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:16 PM – 05:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:42 PM – 07:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:16 PM – 08:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:50 PM – 10:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 PM – 11:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:59 PM – 01:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:33 AM – 03:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:07 AM – 04:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:41 AM – 06:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle