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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2026-12-10

तिरुपति पंचांग — 10 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, मूल नक्षत्र · गुरुवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 08:46 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 11:58 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 09:24 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 08:46 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त05:45 PM
चन्द्रोदय07:28 AM
चन्द्रास्त06:45 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM – 05:36 AM
अमृत काल05:10 PM – 06:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:29 PM – 02:54 PM
गुलिक काल09:14 AM – 10:39 AM
यमगण्ड06:24 AM – 07:49 AM
वर्ज्यम्06:22 AM – 08:10 AM
दुर्मुहूर्त01:12 PM – 01:58 PM
दुर्मुहूर्त04:14 PM – 04:59 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:24 AM – 07:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:49 AM – 09:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:14 AM – 10:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:39 AM – 12:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 PM – 01:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:29 PM – 02:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:54 PM – 04:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:19 PM – 05:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:45 PM – 07:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:19 PM – 08:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:54 PM – 10:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:29 PM – 12:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:04 AM – 01:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:39 AM – 03:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:14 AM – 04:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:49 AM – 06:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle