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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2027-01-22

तिरुपति पंचांग — 22 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 05:47 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 10:25 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगविष्कुम्भतक 01:50 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:38 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय06:09 PM
चन्द्रास्त06:16 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल08:59 AM – 10:23 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:58 AM – 12:24 PM
गुलिक काल08:06 AM – 09:32 AM
यमगण्ड03:16 PM – 04:42 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:15 AM – 12:01 PM
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:04 PM

दिन चौघड़िया

चर06:40 AM – 08:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:06 AM – 09:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:32 AM – 10:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:58 AM – 12:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:24 PM – 01:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:50 PM – 03:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:16 PM – 04:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:42 PM – 06:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:08 PM – 07:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:42 PM – 09:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:16 PM – 10:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:50 PM – 12:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:24 AM – 01:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:58 AM – 03:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:32 AM – 05:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:06 AM – 06:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle