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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2027-05-05

तिरुपति पंचांग — 5 मई 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 06:17 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 02:32 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगप्रीतितक 02:15 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:58 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय04:38 AM
चन्द्रास्त05:26 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:13 AM – 05:01 AM
अमृत काल07:22 PM – 08:55 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:09 PM – 01:44 PM
गुलिक काल10:34 AM – 12:09 PM
यमगण्ड07:24 AM – 08:59 AM
वर्ज्यम्10:28 PM – 12:01 AM
अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:34 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:11 AM – 10:02 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:49 AM – 07:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:24 AM – 08:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:59 AM – 10:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:34 AM – 12:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:09 PM – 01:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:44 PM – 03:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:19 PM – 04:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:54 PM – 06:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:29 PM – 07:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:54 PM – 09:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:19 PM – 10:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:44 PM – 12:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 AM – 01:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:34 AM – 02:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:59 AM – 04:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:24 AM – 05:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle