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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2025-10-03

टोरंटो पंचांग — 3 अक्टूबर 2025

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 09:03 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 11:39 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगधृतितक 12:15 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:03 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:18 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चन्द्रोदय05:28 PM
चन्द्रास्त02:42 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:42 AM – 06:30 AM
अमृत काल02:46 PM – 04:20 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:39 AM – 01:06 PM
गुलिक काल08:45 AM – 10:12 AM
यमगण्ड04:00 PM – 05:27 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:56 AM – 12:43 PM
दुर्मुहूर्त03:02 PM – 03:49 PM

दिन चौघड़िया

चर07:18 AM – 08:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:45 AM – 10:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:12 AM – 11:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:39 AM – 01:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:06 PM – 02:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:33 PM – 04:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:00 PM – 05:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:27 PM – 06:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:55 PM – 08:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:27 PM – 10:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:00 PM – 11:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:33 PM – 01:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 04:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:12 AM – 05:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:45 AM – 07:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle