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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2025-11-23

टोरंटो पंचांग — 23 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 08:55 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 08:58 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 02:06 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 08:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:22 AM
सूर्यास्त04:46 PM
चन्द्रोदय10:51 AM
चन्द्रास्त06:57 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:46 AM – 06:34 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:35 PM – 04:46 PM
गुलिक काल02:25 PM – 03:35 PM
यमगण्ड12:04 PM – 01:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:08 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:22 AM – 08:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:32 AM – 09:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:43 AM – 10:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:53 AM – 12:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 PM – 01:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 PM – 02:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:25 PM – 03:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:35 PM – 04:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:46 PM – 06:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:35 PM – 08:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:25 PM – 10:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:14 PM – 12:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 AM – 01:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:53 AM – 03:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:43 AM – 05:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:32 AM – 07:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle