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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-05-04

टोरंटो पंचांग — 4 मई 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · सोमवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 07:54 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 03:24 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 01:49 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:05 AM
सूर्यास्त08:24 PM
चन्द्रोदय12:00 AM
चन्द्रास्त07:12 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:29 AM – 05:17 AM
अमृत काल05:36 PM – 07:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:52 AM – 09:39 AM
गुलिक काल03:01 PM – 04:49 PM
यमगण्ड11:27 AM – 01:14 PM
वर्ज्यम्06:49 AM – 08:37 AM
अभिजित मुहूर्त12:45 PM – 01:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:34 PM – 05:32 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:05 AM – 07:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:52 AM – 09:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:39 AM – 11:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:27 AM – 01:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:14 PM – 03:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:01 PM – 04:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:49 PM – 06:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:36 PM – 08:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:24 PM – 09:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:36 PM – 10:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:49 PM – 12:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:01 AM – 01:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 AM – 02:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:27 AM – 03:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:39 AM – 04:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:52 AM – 06:05 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle