VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-06-26

टोरंटो पंचांग — 26 जून 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शुक्रवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 12:52 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 09:46 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसाध्यतक 03:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 12:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:37 AM
सूर्यास्त09:04 PM
चन्द्रोदय06:47 PM
चन्द्रास्त02:36 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:49 PM – 01:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:01 AM – 04:49 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:24 AM – 01:20 PM
गुलिक काल07:32 AM – 09:28 AM
यमगण्ड05:12 PM – 07:08 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:47 AM – 12:49 PM
दुर्मुहूर्त03:55 PM – 04:56 PM

दिन चौघड़िया

चर05:37 AM – 07:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:32 AM – 09:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:28 AM – 11:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:24 AM – 01:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:20 PM – 03:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:16 PM – 05:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:12 PM – 07:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:08 PM – 09:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग09:04 PM – 10:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:08 PM – 11:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:12 PM – 12:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:16 AM – 01:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:20 AM – 02:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:24 AM – 03:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:28 AM – 04:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:32 AM – 05:37 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle