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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-07-01

टोरंटो पंचांग — 1 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 12:08 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 11:57 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगइन्द्रतक 06:34 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 11:10 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:40 AM
सूर्यास्त09:03 PM
चन्द्रोदय10:38 PM
चन्द्रास्त06:46 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:04 AM – 04:52 AM
अमृत काल04:32 PM – 06:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:21 PM – 03:16 PM
गुलिक काल11:26 AM – 01:21 PM
यमगण्ड07:35 AM – 09:30 AM
वर्ज्यम्05:55 AM – 07:41 AM
अभिजित मुहूर्त12:50 PM – 01:52 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:46 AM – 10:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:40 AM – 07:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:35 AM – 09:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:30 AM – 11:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:26 AM – 01:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:21 PM – 03:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:16 PM – 05:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:12 PM – 07:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:07 PM – 09:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग09:03 PM – 10:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:07 PM – 11:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:12 PM – 12:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:16 AM – 01:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:21 AM – 02:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:26 AM – 03:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:30 AM – 04:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:35 AM – 05:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle