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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-07-12

टोरंटो पंचांग — 12 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 01:00 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 08:11 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवृद्धितक 10:36 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 01:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त08:59 PM
चन्द्रोदय03:19 AM
चन्द्रास्त07:51 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:52 PM – 01:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल12:12 PM – 01:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:05 PM – 08:59 PM
गुलिक काल05:11 PM – 07:05 PM
यमगण्ड01:23 PM – 03:17 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त06:57 PM – 07:58 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:47 AM – 07:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 AM – 09:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:35 AM – 11:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:29 AM – 01:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:23 PM – 03:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:17 PM – 05:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:11 PM – 07:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:05 PM – 08:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:59 PM – 10:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:05 PM – 11:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:11 PM – 12:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:17 AM – 01:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:23 AM – 02:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:29 AM – 03:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:35 AM – 04:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 AM – 05:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle