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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-07-29

टोरंटो पंचांग — 29 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 10:35 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 06:07 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगप्रीतितक 02:27 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 10:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त08:44 PM
चन्द्रोदय09:07 PM
चन्द्रास्त05:43 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:27 AM – 05:15 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:23 PM – 03:13 PM
गुलिक काल11:33 AM – 01:23 PM
यमगण्ड07:53 AM – 09:43 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:52 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:57 AM – 10:56 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:03 AM – 07:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:53 AM – 09:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:43 AM – 11:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:33 AM – 01:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:23 PM – 03:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:13 PM – 05:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:03 PM – 06:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:53 PM – 08:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:44 PM – 09:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:53 PM – 11:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:03 PM – 12:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:13 AM – 01:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:23 AM – 02:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:33 AM – 03:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:43 AM – 04:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:53 AM – 06:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle