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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-08-10

टोरंटो पंचांग — 10 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 07:24 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 12:39 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 12:57 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 08:57 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त08:29 PM
चन्द्रोदय03:21 AM
चन्द्रास्त07:22 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM – 05:28 AM
अमृत काल10:45 PM – 12:12 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:02 AM – 09:49 AM
गुलिक काल03:09 PM – 04:55 PM
यमगण्ड11:35 AM – 01:22 PM
वर्ज्यम्02:04 PM – 03:31 PM
अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:50 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:41 PM – 05:38 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:16 AM – 08:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:02 AM – 09:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:49 AM – 11:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:35 AM – 01:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:22 PM – 03:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:09 PM – 04:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:55 PM – 06:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:42 PM – 08:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:29 PM – 09:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:42 PM – 10:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:55 PM – 12:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 AM – 01:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:22 AM – 02:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:35 AM – 03:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:49 AM – 05:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:02 AM – 06:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle