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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-08-24

टोरंटो पंचांग — 24 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 08:51 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 4तक 10:58 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगआयुष्मान्तक 10:11 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 07:52 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त08:07 PM
चन्द्रोदय06:41 PM
चन्द्रास्त02:24 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:56 AM – 05:44 AM
अमृत काल06:11 AM – 07:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:13 AM – 09:55 AM
गुलिक काल03:01 PM – 04:43 PM
यमगण्ड11:37 AM – 01:19 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:52 PM – 01:46 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:29 PM – 05:24 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:32 AM – 08:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:13 AM – 09:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:55 AM – 11:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:37 AM – 01:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:19 PM – 03:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:01 PM – 04:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:43 PM – 06:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:25 PM – 08:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:07 PM – 09:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:25 PM – 10:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:43 PM – 12:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:01 AM – 01:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:19 AM – 02:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:37 AM – 03:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:55 AM – 05:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:13 AM – 06:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle