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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-09-06

टोरंटो पंचांग — 6 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 09:59 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 4तक 10:22 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 09:11 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:59 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त07:44 PM
चन्द्रोदय01:05 AM
चन्द्रास्त05:17 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:49 PM – 01:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:06 PM – 07:44 PM
गुलिक काल04:29 PM – 06:06 PM
यमगण्ड01:15 PM – 02:52 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त06:00 PM – 06:52 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:47 AM – 08:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:24 AM – 10:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:01 AM – 11:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:38 AM – 01:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 PM – 02:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:52 PM – 04:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:29 PM – 06:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:06 PM – 07:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:44 PM – 09:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:06 PM – 10:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:29 PM – 11:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:52 PM – 01:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:15 AM – 02:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:38 AM – 04:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:01 AM – 05:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:24 AM – 06:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle