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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-09-18

टोरंटो पंचांग — 18 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 05:57 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 01:14 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगआयुष्मान्तक 04:59 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:43 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चन्द्रोदय03:14 PM
चन्द्रास्त11:13 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:46 PM – 01:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:38 AM – 01:11 PM
गुलिक काल08:32 AM – 10:05 AM
यमगण्ड04:16 PM – 05:49 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:56 AM – 12:46 PM
दुर्मुहूर्त03:14 PM – 04:04 PM

दिन चौघड़िया

चर07:00 AM – 08:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:32 AM – 10:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:05 AM – 11:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:38 AM – 01:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:11 PM – 02:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:43 PM – 04:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:16 PM – 05:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:49 PM – 07:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:22 PM – 08:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:49 PM – 10:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:16 PM – 11:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:43 PM – 01:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:11 AM – 02:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:38 AM – 04:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 AM – 05:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:32 AM – 07:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle