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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-10-11

टोरंटो पंचांग — 11 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 12:01 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 01:02 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 11:35 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 12:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:27 AM
सूर्यास्त06:41 PM
चन्द्रोदय08:42 AM
चन्द्रास्त06:41 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:41 PM – 01:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:51 AM – 06:39 AM
अमृत काल07:49 AM – 09:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:16 PM – 06:41 PM
गुलिक काल03:52 PM – 05:16 PM
यमगण्ड01:04 PM – 02:28 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:11 PM – 05:56 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:27 AM – 08:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:51 AM – 10:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:15 AM – 11:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:39 AM – 01:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:04 PM – 02:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:28 PM – 03:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:52 PM – 05:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:16 PM – 06:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:41 PM – 08:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:16 PM – 09:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:52 PM – 11:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:28 PM – 01:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:04 AM – 02:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:39 AM – 04:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:15 AM – 05:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:51 AM – 07:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle