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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-11-15

टोरंटो पंचांग — 15 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 03:31 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 12:59 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगगण्डतक 08:46 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 03:31 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:11 AM
सूर्यास्त04:52 PM
चन्द्रोदय12:37 PM
चन्द्रास्त09:58 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:35 AM – 06:23 AM
अमृत काल06:57 AM – 08:45 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:39 PM – 04:52 PM
गुलिक काल02:26 PM – 03:39 PM
यमगण्ड12:01 PM – 01:14 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:34 PM – 04:13 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:11 AM – 08:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:23 AM – 09:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:36 AM – 10:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:48 AM – 12:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:01 PM – 01:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 PM – 02:26 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:26 PM – 03:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:39 PM – 04:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:52 PM – 06:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:39 PM – 08:26 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:26 PM – 10:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:14 PM – 12:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:01 AM – 01:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:48 AM – 03:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:36 AM – 05:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:23 AM – 07:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle