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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-11-19

टोरंटो पंचांग — 19 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · गुरुवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 08:46 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 08:26 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 08:10 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 08:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:17 AM
सूर्यास्त04:49 PM
चन्द्रोदय02:02 PM
चन्द्रास्त01:16 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:41 AM – 06:29 AM
अमृत काल01:31 PM – 03:10 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:14 PM – 02:26 PM
गुलिक काल09:40 AM – 10:51 AM
यमगण्ड07:17 AM – 08:28 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:00 PM – 01:38 PM
दुर्मुहूर्त03:32 PM – 04:10 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:17 AM – 08:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:28 AM – 09:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:40 AM – 10:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:51 AM – 12:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 PM – 01:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:14 PM – 02:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:26 PM – 03:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:37 PM – 04:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:49 PM – 06:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:37 PM – 08:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:26 PM – 10:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:14 PM – 12:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 AM – 01:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:51 AM – 03:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:40 AM – 05:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:28 AM – 07:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle