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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-12-01

टोरंटो पंचांग — 1 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · मङ्गलवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 12:44 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 2तक 10:25 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 12:01 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 12:44 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:31 AM
सूर्यास्त04:42 PM
चन्द्रोदय01:03 AM
चन्द्रास्त12:49 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:24 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:55 AM – 06:43 AM
अमृत काल05:32 PM – 07:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:24 PM – 03:33 PM
गुलिक काल12:06 PM – 01:15 PM
यमगण्ड09:48 AM – 10:57 AM
वर्ज्यम्07:56 AM – 09:32 AM
दुर्मुहूर्त11:11 AM – 11:48 AM
दुर्मुहूर्त01:38 PM – 02:15 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:31 AM – 08:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:39 AM – 09:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:48 AM – 10:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:57 AM – 12:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:06 PM – 01:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 PM – 02:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:24 PM – 03:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:33 PM – 04:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:42 PM – 06:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:33 PM – 08:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:24 PM – 10:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:15 PM – 12:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:06 AM – 01:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 AM – 03:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:48 AM – 05:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:39 AM – 07:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle