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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-01-17

टोरंटो पंचांग — 17 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, भरणी नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 11:57 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 12:12 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुभतक 11:03 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 01:02 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:47 AM
सूर्यास्त05:09 PM
चन्द्रोदय12:08 PM
चन्द्रास्त02:38 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:11 AM – 06:59 AM
अमृत काल09:25 AM – 10:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:58 PM – 05:09 PM
गुलिक काल02:48 PM – 03:58 PM
यमगण्ड12:28 PM – 01:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:54 PM – 04:31 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:47 AM – 08:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:57 AM – 10:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:07 AM – 11:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:17 AM – 12:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:28 PM – 01:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:38 PM – 02:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:48 PM – 03:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:58 PM – 05:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:09 PM – 06:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:58 PM – 08:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:48 PM – 10:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 PM – 12:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:28 AM – 02:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:17 AM – 04:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:07 AM – 05:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:57 AM – 07:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle